बगैर निविदा के तैयार हो रहा साहब का सरकारी बंगलानियमों को ताक पर रखकर दिन-रात चल रहा तेज़ी से कार्य ,

संभाग क्रमांक 1 का मामला , न्यूज़ लाइफ की पड़ताल से अफसर परेशान !

जबलपुर / न्यूज लाइफ। नियमों को ताक पर रखकर बनाए जा रहे सीईओ के सरकारी बंगले से पीडब्ल्यूडी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। स्थिति यह है कि संभाग क्रमांक 1 के कार्यपालन यंत्री शिवेंद्र सिंह ने तत्काल कार्य को और तेजी से करने के लिए लेबर और मटेरियल बढ़ा दिया है। मालूम हो वहां वह अपना सरकारी आवास बनाने के लिए प्रयासरत हैं। हैरत की बात तो यह है कि न्यूज़ लाइफ ने पिछले सप्ताह जब शिवेंद्र सिंह से यह जानना चाहा कि एनेक्सी (अस्थाई अधिकारी विश्राम गृह) का परिसर में किस के आदेश पर यह कार्य चल रहा है तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया था और यही कहा कि वह मेरा स्वयं निजी आवास है इसमें जानकारी देना मैं उचित नहीं समझता हूं।सूत्रों का कहना है कि बिना निविदा के चल रहे इस कार्य में लाखों की लीपा-पोती की गई है। इसकी किसी भी प्रकार की निविदा नहीं की गई है।

गौरतलब है कि पूर्व में यह एनेक्सी के लिए आरक्षित रखा गया था एनेक्सी का आशय यह है कि जब भी कोई पीएचई का अधिकारी स्थानांतरित होकर जबलपुर आता है तो  उसे कुछ दिन की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ठहरने के लिए यह दे दिया जाता है।
प्रभार मिलते ही दिखाया रंग
सूत्रों का कहना है कि संभाग क्रमांक 1 मुख्य कार्यपालन यंत्री का प्रभार मिलते ही शिवेंद्र सिंह ने सबसे पहले एनेक्सी को तोड़कर अपने स्वयं के लिए यह बंगला तैयार कराया है और यह सब बगैर निविदा के कार्य शुरू करवा दिया गया है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कार्यपालन यंत्री साहब की कार्यप्रणाली से नाराज हैं लेकिन सामने कुछ भी कहने से डर रहे हैं। लेकिन सभी का यह कहना है कि यह शिवेंद्र सिंह ने ठीक नहीं किया यह नियमों के विरुद्ध कार्य किया है। सूत्र यह भी बताते हैं कि इस संबंध में उन्होंने किसी सीनियर अधिकारी से उसकी परमीशन नहीं ली है।
कहां रुकेंगे बाहर से आए स्थानांतरित अधिकारी 
पीडब्ल्यूडी विभाग और कर्मचारियों का कहना है कि शिवेंद्र सिंह के द्वारा तोड़े गए एनेक्सी और स्वयं के लिए बनाए जा रहे बंगले के कारण भविष्य में इस बात की चिंता है कि बाहर से आने वाले अधिकारियों को कहा रुकवाया जाएगा इस संबंध में कोई भी कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है लेकिन विभाग में गुस्सा देखा जा रहा है।
रसूखदार नेताओं का सिर पर जिसके हाथ हो यह बात दावे के साथ शिवेंद्र सिंह कहता है कि जिसको जो करते बनता है कर ले । सरकारी महकमे में एसडीओ के पद पर कार्यरत अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का बिना रसूख के प्राप्त नहीं होता । सारी बातें चीफ इंजीनियर एस सी वर्मा के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही परिलक्षित नहीं हुई सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारियों पर भी लोक सूचना अधिकारी कोई संज्ञान नहीं ले रहे। यह देश के संविधान के साथ खिलवाड़ भी है । टीम न्यूज़ लाइफ प्रतिबद्ध है इनका सारा काला चिट्ठा प्रमाण सहित उचित मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। संपूर्ण जांच पड़ताल के पश्चात  उन रसूखदार नेताओं का नाम भी घोषित किया जाएगा।

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